पाकिस्तान का सफाई बयान: अमेरिका को ईरान परमाणु कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी गई

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई बैठक के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी कोई जानकारी साझा की थी। विदेश मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत, भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।
विदेश कार्यालय ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन में हुई यह बैठक पूरी तरह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी। मंत्रालय ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी प्रकार की खुफिया जानकारी या संवेदनशील डेटा साझा किए जाने का दावा पूरी तरह निराधार है।
सिर्फ सहयोग और सुरक्षा मुद्दों पर हुई चर्चा
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, डार और अमेरिकी विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत में मुख्य रूप से व्यापार, निवेश, सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत का ईरान के परमाणु कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था और न ही इस विषय पर किसी प्रकार की जानकारी साझा की गई।
‘खुफिया जानकारी’ के दावों को बताया फर्जी
विदेश कार्यालय ने उन रिपोर्ट्स को भी खारिज किया जिनमें कहा गया था कि बैठक के दौरान ईरान से जुड़े किसी भी प्रकार के गोपनीय दस्तावेज या खुफिया जानकारी अमेरिका के साथ साझा की गई। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी कोई चर्चा न तो एजेंडे में थी और न ही ऐसा कोई डेटा ट्रांसफर हुआ।
सरकार ने दोहराया कि पाकिस्तान अपनी विदेश नीति में अत्यंत सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ काम करता है, खासकर उन मामलों में जो क्षेत्रीय सुरक्षा और संवेदनशील मुद्दों से जुड़े हों।
मीडिया रिपोर्ट्स को बताया भ्रामक
पाकिस्तान ने इन सभी दावों को भ्रामक और गलत करार देते हुए कहा कि बिना पुष्टि के इस तरह की खबरें प्रकाशित करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत धारणा पैदा करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स का कोई आधिकारिक आधार नहीं है।
निष्कर्ष
पाकिस्तान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ हुई बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की गई। सरकार ने सभी मीडिया दावों को पूरी तरह गलत और आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया है।