शिवसेना UBT के छह बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से की मुलाकात, शिंदे गुट में विलय का ऐलान

नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी से अलग होकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय करने की बात कही है। यह कदम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सांसदों ने बताया कि उन्हें यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि शिवसेना (यूबीटी) मूल विचारधारा से भटक रही है और वरिष्ठ नेता पार्टी को कांग्रेस के करीब ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके चलते वे एक अलग रास्ता अपनाने पर मजबूर हुए हैं। सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से भी अनुरोध किया है कि सदन में उनकी सीटें शिंदे गुट के सांसदों के साथ संरेखित की जाएं।
यूबीटी संसदीय दल की बैठक में मात्र तीन सांसद शामिल
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की दिल्ली में बैठक बुलाई गई थी। हालांकि इस बैठक में केवल तीन सांसद उपस्थित हुए, जिनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई और पार्टी नेता संजय राउत शामिल थे। छह बागी सांसदों के अलग होने की खबरों ने पार्टी के अंदर चल रहे विवाद को स्पष्ट कर दिया है। पार्टी नेतृत्व अब नुकसान को कम करने के प्रयास में जुटा है।
बागी सांसदों ने लगाया विचारधारा से भटकने का आरोप
लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में बागी सांसदों ने कार्रवाई के पीछे की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) पार्टी के मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता कांग्रेस के साथ मिलकर पार्टी का मूल स्वरूप बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जो वे स्वीकार नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने शिंदे गुट के साथ जुड़ने का निर्णय लिया।
गोपनीय रणनीति के तहत सांसदों की दिल्ली यात्रा
सूत्रों ने बताया कि यह पूरी योजना गुपचुप तरीके से अंजाम दी गई। 16 जून की रात विभिन्न स्थानों से सांसद निजी विमानों के माध्यम से दिल्ली पहुंचे। प्रस्तुत किए गए विवरण से पता चलता है कि नागेश पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहब वाघचौरे, संजय दीना पाटिल और प्रताप सरनायक सहित सभी सांसदों ने दिल्ली में एक साथ ठहरने की व्यवस्था की गई। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मुंबई से जयपुर होते हुए दिल्ली पहुंचे।
नोएडा होटल में ठहराव, लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात
बागी सांसदों को नोएडा के एक होटल में ठहराया गया था, जहां उन्होंने आगामी दिनों की रणनीति पर चर्चा की। 17 जून की सुबह सबसे पहले ओमराजे निंबालकर और श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की, इसके बाद अन्य सांसदों ने भी उनकी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद सांसद अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो गए।
20 जून को होगी एकनाथ शिंदे से मुलाकात
सूत्रों की मानें तो बागी सांसद 20 जून को एकनाथ शिंदे से मुलाकात करेंगे, जहां वे आगे की राजनीतिक रणनीति और अपने फैसले को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को दिए गए पत्र को सार्वजनिक किए जाने की भी संभावना जताई है।
संजय राउत ने बागी सांसदों पर कड़ी चेतावनी दी
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो सांसद पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। राउत ने कहा कि यह न केवल पार्टी के प्रति विश्वासघात है, बल्कि उनके राजनीतिक करियर के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि ये सांसद सचमुच लोकसभा अध्यक्ष से मिले हैं, तो इसकी तस्वीरें सार्वजनिक की जाएं। राउत ने स्पष्ट किया कि ये सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतकर आए हैं और अगर वे पार्टी निर्देशों का उल्लंघन करते हैं, तो कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकते हैं।
भाजपा पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप
संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी आरोप लगाया कि वह महाराष्ट्र की राजनीति में हाथ साफ करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार राज्य के राजनीतिक दलों को तोड़ने का प्रयास कर रही है और इसका जवाब जनता आने वाले समय में देगी। उन्होंने प्रदेश की सियासत में स्थिरता व शुद्धता की जरूरत पर जोर दिया।
