महाराष्ट्र

पार्टी में टूट की खबरें पूरी तरह भ्रामक, हमारे नौ सांसद एकजुट हैं : संजय राउत

नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने पार्टी में चल रही टूट-फूट और असंतोष की खबरों को पूरी तरह से भ्रामक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में पार्टी के नौ सांसद लोकसभा में सक्रिय हैं और किसी भी प्रकार के बड़े विभाजन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पिछले कुछ दिनों से मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर थी कि शिवसेना में कुछ सांसद या नेता पार्टी छोड़ने या अलग होने की तैयारी कर रहे हैं। संजय राउत ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सभी रिपोर्ट्स निराधार और अफवाहों पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि कोई सदस्य पार्टी से अलग होना चाहता है।

राउत ने बताया कि इस विषय पर पार्टी की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी बातचीत की गई है। उन्होंने स्पीकर को स्पष्ट किया कि यदि किसी भी सदस्य के पार्टी छोड़ने या नई पार्टी बनाने जैसे कदम उठाने की जानकारी मिलती है, तो पहले पार्टी के पक्ष को सुना जाना चाहिए और आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में पार्टी ने एक औपचारिक आवेदन भी लोकसभा अध्यक्ष के पास दाखिल किया है और उन्होंने न्यायपालिका के निर्देशों के अनुसार दलबदल मामलों को ही आगे बढ़ाने की अपील की है। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेदों को नियमों तथा कानून के तहत ही संभाला जाना चाहिए, जिससे व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

संजय राउत ने यह भी कहा कि राज्य की राजनीति में जो भी उठापटक या चर्चा होती रहती है, वह सामान्य प्रक्रिया है। इसके बावजूद शिवसेना पूरी तरह से संगठित और एकजुट है और किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि जो नेता या सांसद पार्टी छोड़ने की बात कर रहे हैं, उन्हें अपनी स्थिति जनता के सामने लोकतांत्रिक तरीके से साबित करनी चाहिए।

उन्होंने ये भी संकेत दिए कि कुछ नेताओं को प्रभावित करने के लिए धन से जुड़े आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि इस तरह की बातों की सत्यता जांची जानी चाहिए। इन सब बातों के बीच संजय राउत ने पार्टी की मजबूती और एकता पर जोर देते हुए कहा कि वे सभी सांसद पार्टी की भावना के अनुरूप एकजुट हैं और किसी प्रकार की शिकायत या असंतोष का कोई ठोस प्रमाण नहीं है।

इस बयान के साथ उन्होंने पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर चल रही अटकलों को विराम देने का प्रयास किया है और विश्वास व्यक्त किया है कि शिवसेना आगे भी राज्य और देश की राजनीति में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाती रहेगी।

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