‘शेर अकेला चलता है’, ‘ऑपरेशन तुड़वा’ की धमकियों पर एकनाथ शिंदे का जोरदार पलटवार

मुंबई। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। एकनाथ शिंदे ने ‘ऑपरेशन तुड़वा’ के मद्देनजर अपने राजनीतिक बल का परिचय देते हुए विपक्षी खेमे को सख्त संदेश दिया।
शिंदे ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, “यह तो बस ट्रेलर है, असली फिल्म तो अभी आनी बाकी है।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी राजनीतिक घटनाएं और भी बड़ी होंगी।
इस दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं की आलोचना की और उनके आरोपों को नकारते हुए कहा, “देखो, आज यह शेर तुम्हारे ठीक सामने खड़ा है। पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं कि कुछ कुत्ते रोज भौंकते हैं। कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, शेर अकेला चलता है।” यह बयान उन्होंने शांतिपूर्वक और आत्मविश्वास के साथ दिया।
शिंदे ने खासतौर पर उद्धव ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के बयान का जवाब दिया, जिन्होंने बागी विधायकों को धमकी दी थी कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में आए तो पार्टी कार्यकर्ता उन्हें रोकेंगे। शिंदे ने इस पर कहा कि राउत का राजनीतिक कद इतना भी बड़ा नहीं है जितना वे दिखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने भेड़ियों का ऑपरेशन करने का दावा किया, लेकिन वह सिर्फ एक कंपाउंडर है। असली डॉक्टर मेरे बेटे श्रीकांत शिंदे हैं। भले मैं डॉक्टर न हूं, पर मुझे ऑपरेशन करना आता है और इसके लिए शेर जैसा दिल चाहिए, भेड़िये जैसा नहीं।”
जून 2022 में हुई अपनी बगावत का जिक्र करते हुए शिंदे ने बताया कि जब वे मुंबई लौटे थे, तब उन्हीं लोगों ने उन्हें धमकाया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने सड़क मार्ग से अकेले मुंबई का रास्ता तय किया और एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं किया। वे वर्ली में रुके और धमकाने वाले ऑनलाइन उन्हें देखते रहे।
शिंदे ने वरिष्ठ नेता रामदास कदम के समर्थन में कहा कि अगर यूबीटी गुट ‘ऑपरेशन तुड़वा’ करने की बात करता है, तो उन्हें शिंदे गुट का सामना करने की हिम्मत भी रखनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकर्ता बालासाहेब ठाकरे की कट्टर विचारधारा के अनुसरणकर्ता हैं और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को सहन नहीं करेंगे।
यह साफ हो गया है कि एकनाथ शिंदे ने विपक्षी धमकियों को लेकर बिलकुल भी पीछे हटने का इरादा नहीं दिखाया है और आगामी राजनीतिक घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
