अंतर्राष्ट्रीय

MEA: मार्को रुबियो और अजीत डोभाल की अहम बैठक, रक्षा-सुरक्षा सहयोग और क्वाड एजेंडे पर हुई चर्चा

भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा, सुरक्षा, रणनीतिक तकनीक और क्षेत्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने रविवार को इसकी जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में ट्रस्ट पहल (TRUST Initiative) समेत कई रणनीतिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक के दौरान भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, वैश्विक स्थिरता और उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों को लेकर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए।

रक्षा और रणनीतिक तकनीक पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में रक्षा सहयोग को और विस्तार देने, नई तकनीकों के आदान-प्रदान और सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक हालात में भारत और अमेरिका की साझेदारी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सामरिक समीकरणों के बीच भारत-अमेरिका सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम भूमिका निभा सकता है।

26 मई को दिल्ली में होगी क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक

भारत की मेजबानी में 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड देशों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्री S. Jaishankar की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होने की संभावना है।

राजनयिक हलकों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में क्वाड की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन और रणनीतिक सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।

जयशंकर बोले- हिंद-प्रशांत बनेगा बड़ा ऊर्जा गलियारा

क्वाड बैठक से पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में हिंद-प्रशांत दुनिया का एक बड़ा ऊर्जा गलियारा बन सकता है।

जयशंकर ने कहा कि क्वाड केवल एक रणनीतिक मंच नहीं बल्कि समान विचारधारा वाले लोकतांत्रिक देशों का समूह है, जो नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और खुले समाज की अवधारणा को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसी समुद्री लोकतांत्रिक शक्तियां साझा मूल्यों और समान हितों के आधार पर सहयोग को लगातार आगे बढ़ा रही हैं। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कानून, मुक्त व्यापार और स्थिर समुद्री मार्गों को बनाए रखना क्वाड की प्राथमिकताओं में शामिल है।

वैश्विक चुनौतियों पर साझा रणनीति

बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत और अमेरिका ने साझा रणनीति पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्वाड की आगामी बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन और वैश्विक रणनीतिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है।

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