कर्नाटक चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने जयदेव मैसूरू में असामान्य मौतों से किया इनकार

बेंगलुरु, 27 अप्रैल। कर्नाटक चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया है कि जयदेव अस्पताल के बेंगलुरु, मैसूरू और कालाबुरगी इकाइयों में असामान्य मौतों की कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इन अस्पतालों में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है, जो चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मंत्री के अनुसार, जयदेव अस्पताल की तीनों शाखाओं में कार्डियक देखभाल की मृत्यु दर 4 से 6 प्रतिशत के बीच है, जबकि देश भर के समान प्रकार के अस्पतालों में यह प्रतिशत 9 से 11 तक पहुंचता है। इस आंकड़े से यह स्पष्ट होता है कि इन अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सेवा गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी है।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है और हम इस दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। जयदेव अस्पताल में मरीजों की देखभाल के लिए अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध हैं, जो हमारे मरीजों के सुरक्षित उपचार की गारंटी हैं।”
कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस विवरण की पुष्टि करते हुए कहा कि अस्पतालों में नियमित रूप से mortality rate का विश्लेषण किया जाता है और किसी भी असामान्य पैटर्न को तुरंत जांच का विषय बनाया जाता है। अस्पताल प्रशासन भी इस दिशा में पूर्ण रूप से पारदर्शिता बनाये हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कार्डियक देखभाल में मृत्यु दर को कम रखना कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें समय पर उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम, उपयुक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर और मरीजों की देखभाल का सही तरीका शामिल है। जयदेव अस्पताल के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि इन सभी पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अनेक तकनीकी सुधार और नये उपचार पद्धतियों को अपनाया है। बेंगलुरु, मैसूरू और कालाबुरगी के अस्पतालों में मरीजों के बेहतर इलाज के लिए न सिर्फ संसाधनों का विस्तार हुआ है, बल्कि स्टाफ प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
कर्नाटक सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रति प्रतिबद्ध है और वह चिकित्सा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार हेतु निरंतर निगरानी करती रहेगी। मंत्री पाटिल ने कहा कि जनता को विश्वास दिलाना जरूरी है कि सेवाएं निष्पक्ष एवं उच्च स्तर की हैं और किसी भी प्रकार की कुप्रबंधन की गुंजाइश नहीं है।
अंत में, उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वास्थ्य संस्थानों पर भरोसा रखें और Covid-19 महामारी के बाद स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा दें ताकि राज्य में स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
