महाराष्ट्र

अमित शाह का उद्धव ठाकरे पर तंज: अब कोई गुट नहीं, सिर्फ एक ही शिवसेना है

कोल्हापुर। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दो गुटों के बीच जारी तनाव अब और गहरा होता जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोल्हापुर में आयोजित एक जनसभा में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तंज कसा और कहा कि अब कोई ‘गुट’ नहीं बचा है, बल्कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में सिर्फ एक ही ‘असली शिवसेना’ है।

अमित शाह ने महालक्ष्मी (अंबाबाई) मंदिर विकास और कॉरिडोर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। यह परियोजना 1,445.97 करोड़ रुपए की लागत से बन रही है और महाराष्ट्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान उनकी मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का परिचय ‘शिवसेना के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री’ के रूप में कराया गया।

शाह ने कहा, “पहले हमें उन्हें ‘शिवसेना शिंदे गुट’ कहना पड़ता था, लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है, सिर्फ एक ही शिवसेना है।” इस बयान को राजनीतिक हलकों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जोड़ा जा रहा है, जिसे शिवसेना के लंबे समय से चले आ रहे विभाजन को समाप्त करने वाला ऑपरेशन माना जा रहा है।

राजनीतिक परिदृश्य में हलचल तब और बढ़ गई जब इस सप्ताह की शुरुआत में शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने दिल्ली में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया और पार्टी के औपचारिक व्हिप का उल्लंघन किया। यह संकेत माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर गुटबंदी गहराती जा रही है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजनीतिक बदलाव के संकेत दिए और विपक्षी नेताओं पर तीखी नकेल कसी। उन्होंने कहा, “यह तो बस ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है।” शिंदे ने अपने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि “कुछ कुत्ते रोज भौंकते हैं, लेकिन शेर अकेला चलता है।”

शिंदे ने यह स्पष्ट किया कि वे शिवसेना के एक मजबूत नेतृत्व के रूप में खड़े हैं और पार्टी की प्रतिष्ठा बनाए रखेंगे। उन्होंने उद्धव ठाकरे या उनके गुट के किसी सदस्य का नाम लिए बिना उन्हें आड़े हाथों लिया और केंद्र की राजनीति को लेकर भी संकेत दिए।

शिंदे के इन बयानों के बाद उद्धव ठाकरे के नजदीकी संजय राउत ने चेतावनी दी थी कि बागी विधायक यदि अपने चुनाव क्षेत्रों में आएंगे तो पार्टी कार्यकर्ता उन्हें ‘कुचल’ देंगे, हालांकि इस बयान का शिंदे ने सीधे जवाब दिया।

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के इस वहस में अब ये घटनाएं नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रही हैं। आगामी दिनों में महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात किस दिशा में विकसित होते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, अमित शाह के इस बयान ने एकनाथ शिंदे के पक्ष को मजबूती दी है और उद्धव ठाकरे के लिए चुनौती बढ़ाई है।

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