नीट परीक्षा विवाद के बीच कोडरमा में छात्रा की संदिग्ध मौत, परिवार ने तनाव को बताया वजह; जांच में जुटी पुलिस

कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक मेधावी छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। झुमरीतिलैया के चित्रगुप्त नगर निवासी रुचि कुमारी की मौत के बाद परिवार ने दावा किया है कि वह पिछले कुछ समय से नीट परीक्षा से जुड़े विवादों, पेपर लीक और पुनर्परीक्षा की चर्चाओं को लेकर मानसिक तनाव में थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला है और मामले की जांच जारी है।
मृतका रुचि कुमारी अपने माता-पिता के साथ झुमरीतिलैया के चित्रगुप्त नगर स्थित एक किराए के मकान में रहती थी। उसके पिता संजय कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव के निवासी हैं और एलआईसी एजेंट के रूप में कार्यरत हैं। परिवार के अनुसार, रुचि बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
परिजनों ने बताया कि रुचि ने नीट परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की थी और उसे अच्छे परिणाम की उम्मीद थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों और री-एग्जाम से जुड़ी खबरों ने उसे मानसिक रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि वह लगातार इन विषयों को लेकर चिंतित रहती थी और पिछले कुछ दिनों से उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात जब रुचि काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं आई और भोजन के लिए भी नहीं पहुंची तो परिवार को चिंता हुई। उसके पिता जब कमरे के पास पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने किसी तरह कमरे के अंदर प्रवेश किया, जहां रुचि अचेत अवस्था में मिली। घटना की सूचना तत्काल तिलैया थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद सोमवार को बिहार के चितरपुर स्थित मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रुचि के पिता संजय कुमार सिंह ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही और डॉक्टर बनने के अपने सपने को लेकर बेहद गंभीर थी। उन्होंने कहा कि परिवार उसकी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों के अनुसार, रुचि का पूरा ध्यान पढ़ाई और करियर पर केंद्रित था और वह अपने भविष्य को लेकर काफी संवेदनशील थी।
स्थानीय लोगों ने भी रुचि को एक मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रा बताया है। उसकी मौत की खबर फैलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि वह हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर समर्पित रहती थी और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखती थी।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा परिणाम, करियर की चिंता और प्रतिस्पर्धा का दबाव कई बार छात्रों पर गहरा मानसिक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे समय में परिवार और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
नोट: इस मामले में मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहा हो, तो परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से सहायता लेना महत्वपूर्ण है। भारत सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 और 1800-891-4416 पर निःशुल्क सहायता उपलब्ध है।
