Weather Update: नौतपा में बदला मौसम का रुख, बारिश-आंधी से मिली राहत;

नई दिल्ली: देशभर में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा और केरल सहित कई राज्यों में मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को तपती गर्मी से राहत दी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में कई इलाकों के लिए भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति भी तेज हो गई है, जिससे मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में आंधी और बारिश का असर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शनिवार को दिनभर तेज धूप और उमस बनी रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
गुरुग्राम में तेज हवाओं की रफ्तार करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं। मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।
मध्य प्रदेश में तापमान में बड़ी गिरावट
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का पूरा परिदृश्य बदल दिया है। सीहोर जिले में जहां कुछ दिन पहले तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं बारिश और तेज हवाओं के बाद इसमें 10 से 12 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और आसपास के इलाकों में भी बारिश और बादलों की आवाजाही देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक ऐसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।
राजस्थान में धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना
राजस्थान में नौतपा के दौरान गर्मी अपने चरम पर थी, लेकिन अब मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
केरल में मानसून पूर्व बारिश से बढ़ी चुनौतियां
दक्षिण भारत के केरल राज्य में मानसून आने से पहले ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। तिरुवनंतपुरम और अन्य जिलों में जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। राहत शिविरों की तैयारी, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय मौसम
केरल के अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुदुचेरी में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
कुछ क्षेत्रों में अब भी जारी है लू का असर
हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम ने राहत पहुंचाई है, लेकिन विदर्भ, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में अभी भी हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। इन इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है और लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी मौसम बदलेगा
गुजरात, महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश होने के संकेत दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
बढ़ती नमी के कारण तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
मानसून की प्रगति ने बढ़ाई उम्मीदें
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले चार से पांच दिनों में इसके केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इससे कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों और नागरिकों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और फसलों को ओलावृष्टि व तेज हवाओं से बचाने के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में फिलहाल समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।
अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा मौसम का उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम तेजी से बदलता रहेगा। कहीं बारिश और आंधी का असर रहेगा तो कहीं गर्मी का प्रभाव बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी गतिविधियों के संयुक्त असर से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
नौतपा के बीच मौसम के इस बड़े बदलाव ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं प्रशासन, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ा दी हैं। फिलहाल पूरे देश की नजर मानसून की अगली चाल और मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों पर टिकी हुई है।
