Vedanta Demerger: अगले महीने लिस्ट होंगी 4 नई कंपनियां, अनिल अग्रवाल बोले- दुनिया की सबसे बड़ी एल्युमिनियम कंपनी बनाएंगे

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी के डीमर्जर के बाद अलग हुई चार कंपनियों की लिस्टिंग को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा है कि अगले महीने तक वेदांता से अलग हुई सभी कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने वेदांता एल्युमिनियम को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा है और कहा कि कंपनी आने वाले तीन वर्षों में दुनिया की सबसे बड़ी निजी एल्युमिनियम कंपनी बनने की दिशा में काम कर रही है।
दरअसल, 1 मई 2026 से वेदांता का डीमर्जर प्लान लागू हो चुका है। इसके तहत वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर और वेदांता आयरन एंड स्टील को अलग-अलग कंपनियों के रूप में विभाजित किया गया है। इन कंपनियों के शेयर पहले ही निवेशकों के डीमैट खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इनमें ट्रेडिंग शुरू नहीं हुई है। इसी को लेकर निवेशकों के बीच लगातार सवाल उठ रहे थे।
एक प्राइवेट टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अनिल अग्रवाल ने कहा कि “अगले महीने तक सभी कंपनियों की अलग-अलग लिस्टिंग पूरी हो जाएगी।” इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि जून के मध्य तक इन कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग शुरू हो सकती है। इससे पहले वेदांता रिसोर्सेज के सीईओ देशनी नायडू ने भी उम्मीद जताई थी कि जून के बीच तक नई कंपनियां बाजार में सूचीबद्ध हो जाएंगी।
वेदांता एल्युमिनियम पर सबसे बड़ा दांव
अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता एल्युमिनियम फिलहाल हर साल करीब 30 लाख टन एल्युमिनियम का उत्पादन कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 60 लाख टन प्रति वर्ष तक पहुंचाना है।
उन्होंने दावा किया कि इसके बाद वेदांता एल्युमिनियम दुनिया की सबसे बड़ी निजी एल्युमिनियम कंपनी बन जाएगी। कंपनी सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि ‘इंडस्ट्रियल पार्क मॉडल’ के जरिए एल्युमिनियम से जुड़े लगभग 1000 डाउनस्ट्रीम उद्योग विकसित करने की भी योजना बना रही है।
तेल और गैस कारोबार में 5 अरब डॉलर निवेश
वेदांता ऑयल एंड गैस कारोबार को लेकर भी अनिल अग्रवाल काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने इस कारोबार को अपना “दिल और जान” बताया। उन्होंने कहा कि अगले तीन से पांच वर्षों में कंपनी का लक्ष्य 5 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन क्षमता तक पहुंचना है।
इसके लिए वेदांता लगभग 5 अरब डॉलर का बड़ा निवेश करने की तैयारी में है। कंपनी का मानना है कि भारत में ऊर्जा क्षेत्र में अभी भी तेजी से विकास की संभावनाएं मौजूद हैं।
पावर और स्टील कारोबार पर भी फोकस
वेदांता पावर के बारे में बात करते हुए अग्रवाल ने कहा कि कंपनी वर्तमान में करीब 4,000 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास कोयले की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है, जिससे बिजली उत्पादन में स्थिरता बनी रहेगी।
वहीं, वेदांता आयरन एंड स्टील कारोबार को लेकर उन्होंने बताया कि समूह वर्तमान में करीब 40 लाख टन स्टील का उत्पादन करता है और आने वाले समय में इस क्षमता को और बढ़ाने की योजना है।
निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वेदांता का डीमर्जर निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। अलग-अलग कारोबारों की स्वतंत्र लिस्टिंग से निवेशकों को प्रत्येक सेक्टर की वास्तविक क्षमता का बेहतर मूल्यांकन करने का मौका मिलेगा।
अब निवेशकों की नजर जून में होने वाली लिस्टिंग और नई कंपनियों के शेयर प्रदर्शन पर टिकी हुई है।
