राष्ट्रीय

मणिपुर में ड्रग माफिया और घुसपैठियों पर कसेगा शिकंजा, सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन प्लान

इंफाल: मणिपुर में उग्रवाद के साथ-साथ ड्रग तस्करी और अवैध घुसपैठ की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। सीआरपीएफ की विशेष कोबरा इकाइयों की तैनाती के साथ-साथ सीमा क्षेत्रों में निगरानी और अभियान तेज किए जाएंगे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे म्यांमार सीमा से संचालित अवैध नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।

अधिकारियों के मुताबिक राज्य के संवेदनशील और हिंसाग्रस्त इलाकों में 300 से अधिक बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहनों को भी तैनात करने की योजना है। इन वाहनों की मदद से सुरक्षा बल कठिन और जोखिम वाले क्षेत्रों में अधिक प्रभावी तरीके से अभियान चला सकेंगे।

म्यांमार से लगने वाली सीमा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही है। इस क्षेत्र का इस्तेमाल कई बार उग्रवादी संगठनों और ड्रग तस्करों द्वारा आवाजाही और सप्लाई चेन के लिए किया जाता रहा है। अब सुरक्षा बलों का फोकस इन नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर रहेगा।

सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चलाए जाएंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) सीमा क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि सीआरपीएफ, कोबरा, असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस आंतरिक इलाकों में अभियान चलाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि उग्रवाद और ड्रग तस्करी अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। ऐसे में यदि तस्करी नेटवर्क कमजोर होता है तो उग्रवादी संगठनों की आर्थिक और रसद क्षमता पर भी असर पड़ेगा।

केंद्र सरकार की यह रणनीति केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य राज्य में स्थिरता और विकास के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना भी है। सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button