Share Market News: टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू में बड़ी गिरावट, रिलायंस समेत सात दिग्गजों को 1.54 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह जारी कमजोरी का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी देखने को मिला। बाजार में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की सतर्कता के बीच शीर्ष 10 कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे बड़ा झटका लगा, जबकि कुछ कंपनियां सकारात्मक प्रदर्शन के दम पर बढ़त हासिल करने में सफल रहीं।
बीते कारोबारी सप्ताह में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों दबाव में रहे। कमजोर बाजार धारणा के चलते बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिसका सीधा असर कंपनियों के बाजार मूल्यांकन पर पड़ा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी प्रमुख कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई।
सबसे अधिक नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। कंपनी के बाजार पूंजीकरण में 46 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस जैसी कंपनियों के मूल्यांकन में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में कमी आई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, विदेशी निवेशकों की रणनीति और मुनाफावसूली के कारण बड़े शेयरों पर दबाव बना रहा। छुट्टियों के कारण छोटा कारोबारी सप्ताह होने के बावजूद बाजार में कमजोरी का असर व्यापक रूप से दिखाई दिया।
हालांकि सभी कंपनियों के लिए स्थिति नकारात्मक नहीं रही। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने बाजार के कमजोर माहौल में भी मजबूती दिखाई। इन तीनों कंपनियों के मार्केट कैप में वृद्धि दर्ज की गई। एलएंडटी ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हासिल की, जबकि एसबीआई और एलआईसी ने भी निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया।
मार्केट कैप के लिहाज से सप्ताह के अंत में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई का स्थान रहा। वहीं टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर भी शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में शामिल रहीं।
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों के संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और घरेलू आर्थिक आंकड़े भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों की नजर अगले सप्ताह के कारोबार पर बनी हुई है।
