राजनीति

Goa Politics: कारापुर परियोजना के खिलाफ केजरीवाल का बड़ा ऐलान, बोले- जनता के हितों से समझौता नहीं होगा

पणजी: गोवा के कारापुर गांव में प्रस्तावित मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को गांव का दौरा कर परियोजना का खुलकर विरोध किया और कहा कि यदि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो विवादित परियोजनाओं की समीक्षा कर उन्हें रद्द करने से भी पीछे नहीं हटेगी। उनके इस बयान के बाद गोवा की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

कारापुर पहुंचकर केजरीवाल ने परियोजना का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचे और स्थानीय समुदाय की आजीविका प्रभावित हो। उनके अनुसार कारापुर का इलाका पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और यहां बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियां भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती हैं।

केजरीवाल ने दावा किया कि प्रस्तावित परियोजना के तहत बड़े क्षेत्र में आवासीय निर्माण किया जाना है, जिससे गांव की प्राकृतिक संरचना और स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को डर है कि परियोजना पूरी होने के बाद जल संकट, यातायात दबाव और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

आप प्रमुख ने परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोग लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले स्थानीय समुदाय की राय सुननी चाहिए और उसके बाद ही किसी बड़े विकास कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए।

इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी विकास विरोधी नहीं है, लेकिन ऐसा विकास होना चाहिए जिससे आम लोगों को फायदा मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ परियोजनाएं केवल चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आगे बढ़ाई जाती हैं, जबकि उसका बोझ स्थानीय नागरिकों को उठाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने भी परियोजना को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं और कहा कि वे अपनी जमीन, पर्यावरण और पारंपरिक जीवनशैली की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को परियोजना की पर्यावरणीय और सामाजिक समीक्षा दोबारा करानी चाहिए।

गोवा में आगामी राजनीतिक समीकरणों के बीच कारापुर परियोजना का मुद्दा अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है। विपक्ष इस मामले को जनता से जुड़े मुद्दे के रूप में उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।

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