जीवनशैली

सुगंधित मोमबत्तियाँ (Scented Candles) से जुड़ा स्वास्थ्य जोखिम: हार्वर्ड डॉक्टर की चेतावनी

सुगंधित मोमबत्तियाँ: दिखने में सुंदर पर स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक

हमारे घर में बहुत सी चीज़ें ऐसी होती हैं जो देखने में सुंदर लगती हैं, लेकिन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती हैं। हाल ही में हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड में प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने तीन घरेलू वस्तुओं के बारे में चेतावनी दी थी।
उनमें से एक थी सुगंधित मोमबत्तियाँ (Scented Candles)

डॉ. सेठी ने बताया कि ये मोमबत्तियाँ कितनी ख़तरनाक हो सकती हैं।
दुनियाभर में हर साल लाखों लोग इन्हें जलाते हैं। बहुत से लोगों ने सिरदर्द, साँस लेने में तकलीफ़ और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ बताई हैं।

भारत में भी ये मोमबत्तियाँ बहुत लोकप्रिय हैं, लेकिन इनमें मौजूद थैलेट्स (Phthalates) नामक रसायन हार्मोनल सिस्टम (Endocrine System) को प्रभावित करते हैं।

इसलिए आज “काम की बात” में हम सुगंधित मोमबत्तियों पर चर्चा करेंगे —
जानेंगे कि ये हानिकारक क्यों हैं, किसे ज़्यादा ख़तरा है और इनके सुरक्षित विकल्प क्या हैं।


तथ्य और विशेषज्ञ की राय

विशेषज्ञ: डॉ. आशुतोष तिवारी (वरिष्ठ सलाहकार, क्रिटिकल केयर, रीजेंसी अस्पताल, गोरखपुर)

🕯️ 25% लोगों को सुगंधित मोमबत्तियों से परेशानी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान द्वारा 2023 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सुगंधित मोमबत्तियाँ इस्तेमाल करने वाले लगभग 25% लोगों ने स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की।
इन मोमबत्तियों के जलने पर VOCs (वाष्पशील कार्बनिक यौगिक) और थैलेट्स निकलते हैं, जो हवा में मिलकर फेफड़ों और रक्त में पहुँच जाते हैं। इससे हार्मोनल असंतुलन, श्वसन रोग और कैंसर का जोखिम बढ़ता है।


प्रश्नोत्तर (Q & A)

❓प्रश्न: सुगंधित मोमबत्तियाँ कौन-सी समस्याएँ पैदा करती हैं?

उत्तर:
इन मोमबत्तियों में कृत्रिम सुगंध और पैराफिन वैक्स होता है। जलने पर ये थैलेट्स नामक रसायन छोड़ती हैं, जो हार्मोनल सिस्टम को बाधित करते हैं। इससे शरीर का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है।


❓प्रश्न: थैलेट्स क्या हैं और ये हानिकारक क्यों हैं?

उत्तर:
थैलेट्स ऐसे रसायन हैं जो प्लास्टिक और परफ्यूम बनाने में इस्तेमाल होते हैं। ये शरीर में प्रवेश करके थायरॉयड, इंसुलिन, फेफड़े, लीवर और प्रजनन प्रणाली पर बुरा असर डालते हैं।
इनका रोज़ाना संपर्क होने पर शरीर में यह रसायन जमा होकर गंभीर बीमारियाँ पैदा कर सकता है।


❓प्रश्न: गर्भवती महिलाओं के लिए ये क्यों ख़तरनाक हैं?

उत्तर:
गर्भावस्था के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव पहले से होते हैं। ऐसे में थैलेट्स अकाली प्रसव, प्रि-एक्लेम्पसिया या मृत शिशु जैसी जटिलताएँ पैदा कर सकते हैं।
ये रसायन प्लेसेंटा पार कर बच्चे तक पहुँचते हैं और उसके विकास को प्रभावित करते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को इन्हें बिल्कुल भी नहीं जलाना चाहिए।


❓प्रश्न: बच्चों पर क्या असर होता है?

उत्तर:
बच्चों का शरीर विकास के चरण में होता है, इसलिए वे ज़्यादा संवेदनशील होते हैं।
थैलेट्स से अकाली यौवन (Early Puberty) और हार्मोनल गड़बड़ी हो सकती है, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर असर पड़ता है।
इसलिए बच्चों के आसपास सुगंधित मोमबत्तियाँ बिल्कुल नहीं जलानी चाहिए।


❓प्रश्न: लठ्ठापन और मधुमेह से इसका क्या संबंध है?

उत्तर:
थैलेट्स इंसुलिन की क्रिया को बाधित करते हैं, जिससे इंसुलिन रेसिस्टेंस, डायबिटीज़ और वजन बढ़ना जैसी समस्याएँ होती हैं।
अगर पहले से मधुमेह है, तो स्थिति और ख़राब हो सकती है।


❓प्रश्न: प्रजनन क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर:
थैलेट्स पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता कम करते हैं और महिलाओं में अंडाणु को नुकसान पहुँचाते हैं।
इससे फर्टिलिटी (उपजाऊ क्षमता) कम होती है।
अगर आप बच्चा प्लान कर रहे हैं तो ऐसी मोमबत्तियाँ घर से हटा देना बेहतर है।


❓प्रश्न: सबसे अधिक ख़तरा किन्हें होता है?

उत्तर:
गर्भवती महिलाएँ, बच्चे, मधुमेह या अस्थमा के रोगी, एलर्जी वाले लोग, और प्रजनन संबंधी समस्या वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में होते हैं।


❓प्रश्न: क्या सभी सुगंधित मोमबत्तियाँ हानिकारक हैं?

उत्तर:
नहीं, लेकिन अधिकतर सस्ती मोमबत्तियाँ पैराफिन और थैलेट्स से बनती हैं।
खरीदते समय लेबल देखें — अगर “थैलेट-रहित” या “प्राकृतिक सुगंध” लिखा है, तो वही चुनें।


❓प्रश्न: इनके सुरक्षित विकल्प क्या हैं?

उत्तर:
आप प्राकृतिक विकल्प अपना सकते हैं जैसे —

  • सोया वैक्स या मधुमक्खी के मोम से बनी मोमबत्तियाँ

  • एसेंशियल ऑयल डिफ्यूज़र

  • उबले हुए नींबू, दालचीनी, लौंग जैसी घरेलू चीज़ें

  • रीड डिफ्यूज़र या ताज़े फूल
    ये न केवल सुगंध देते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित हैं।


❓प्रश्न: अगर थोड़े समय के लिए मोमबत्ती जलाएँ तो भी नुकसान होता है?

उत्तर:
हाँ, अल्पकालिक उपयोग से भी असर हो सकता है, लेकिन नियमित या लंबे समय तक जलाने पर ख़तरा ज़्यादा बढ़ जाता है।
इन्हें बंद कमरे में न जलाएँ और हवादार जगह पर रखें।


❓प्रश्न: अगर मुझे इससे परेशानी हो तो क्या करें?

उत्तर:
अगर आपको सिरदर्द, साँस लेने में कठिनाई या हार्मोनल समस्या महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
जरूरत पड़ने पर रक्त परीक्षण से यह रसायन पता लगाए जा सकते हैं।
उपचार में शरीर से विषैले पदार्थ निकालने और जीवनशैली में सुधार शामिल होता है।


निष्कर्ष

सुगंधित मोमबत्तियाँ देखने में सुंदर लगती हैं, लेकिन उनमें छिपे रसायन हमारे हार्मोन, फेफड़े, प्रजनन स्वास्थ्य और बच्चों के विकास को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
इसलिए प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प चुनना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।

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