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मतदाताओं से सीधा संवाद करते हुए संभागीय आयुक्त ने घर-घर जाकर एसआईआर प्रक्रिया की सच्चाई जानी।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देशित स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। उदयपुर जिले में इस दिशा में संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी का फील्ड दौरा एक “मॉडल एक्शन” के रूप में देखा जा सकता है।

गुरुवार को उन्होंने पुलां और शोभागपुरा क्षेत्रों में मतदाताओं से सीधा संवाद किया। यह संवाद दो स्तरों पर प्रभावी रहा —
पहला, प्रशासनिक पारदर्शिता का संदेश गया;
दूसरा, नागरिकों में भागीदारी की भावना बढ़ी।

अक्सर पुनरीक्षण कार्य केवल बीएलओ और ईआरओ तक सीमित रह जाता है, पर जब शीर्ष अधिकारी फील्ड में उतरते हैं, तो यह नीचे तक सक्रियता लाता है। उनके निर्देशों के बाद कई बीएलओ ने तुरंत गणना प्रपत्र वितरण में तेजी लाई।

आँकड़ों के अनुसार, गुरुवार को जिले के सातों विधानसभा क्षेत्रों में 90% से अधिक घरों तक गणना प्रपत्र पहुँचे। झाड़ोल क्षेत्र में ईआरओ कपिल कोठारी की उपस्थिति से कार्य और तेज हुआ।

इस दौरे का व्यापक संदेश यह है कि लोकतंत्र केवल मतदान के दिन सक्रिय नहीं होता — वह उन महीनों में भी जीवित रहता है जब मतदाता सूचियाँ बन रही होती हैं। यह पहल दिखाती है कि प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिक भागीदारी मिलकर एक सशक्त निर्वाचन प्रणाली बना सकती हैं।

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