“जहाँ तकनीक ने मुझे फिर खड़ा किया” — एक खिलाड़ी की नज़र से जयपुर स्मार्ट सिटी

मुझे आज भी याद है —
वो दिन जब मैच के दौरान मेरा घुटना बुरी तरह चोटिल हुआ था।
कई महीनों तक लगा कि अब मैदान में लौट पाना शायद संभव नहीं होगा।
लेकिन फिर मुझे जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा बनाए गए एसएमएस स्टेडियम पुनर्वास केंद्र के बारे में बताया गया।
शुरुआत में यह केवल एक ‘रिकवरी सेंटर’ लगा।
पर जब पहुँचा, तो पाया कि यह किसी आधुनिक प्रयोगशाला से कम नहीं।
सेंसर से जुड़े उपकरण, डिजिटल थैरेपी सिस्टम, और हर गतिविधि का विश्लेषण करने वाली स्क्रीनें —
यह सब मिलकर मेरे शरीर को समझ रहे थे, उससे संवाद कर रहे थे।
यह केवल इलाज नहीं था — यह “तकनीकी देखभाल” थी।
हर सेशन के बाद डॉक्टर कहते, “देखो, यह मशीन बता रही है कि तुम मजबूत हो रहे हो।”
और सच में, मैं हर दिन बेहतर महसूस करता गया।
आज जब मैं फिर मैदान में उतरता हूँ, तो मुझे लगता है —
यह सिर्फ मेरी नहीं, जयपुर की भी जीत है।
क्योंकि यह शहर अब केवल ऐतिहासिक स्मारकों का शहर नहीं, बल्कि आधुनिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
मैं जब ICCC और विधानसभा संग्रहालय की झलकियाँ देखता हूँ,
तो समझ आता है —
“स्मार्ट सिटी” का अर्थ है ऐसा शहर, जो अपने नागरिकों को फिर से खड़ा होने की ताकत दे सके।
